क्या आपने आज का समाचार देखा? मैंने देखा तो सचमुच सन्न रह गया। मेरे हाथ से मोबाइल लगभग छूट ही गया था। चाँदी की कीमतों में 37% का भारी गिरावट! हम सब जो यह सोचकर बैठे थे कि चाँदी एक ‘सुरक्षित शरण’ है, आज उसी की बाजार में ख़ैर नहीं।
मेरी पहली feeling? डर। उसके बाद दुविधा। क्या अब खरीदें? या और इंतज़ार करें? मेरा मन बार-बार वही सवाल पूछ रहा था – आखिर बजट से ठीक पहले यह अचानक market crash क्यों?
तो आइए, बिना किसी जटिल भाषा के, आसान शब्दों में इस पूरी उलटफेर की कहानी समझते हैं।
कल तक क्या चल रहा था?
पिछले कुछ वर्षों से चाँदी चमक ही रही थी। लोग सोने के साथ-साथ चाँदी में भी पैसा लगा रहे थे। इसकी वजह थी महंगाई से बचाव की इच्छा। चाँदी न सिर्फ गहनों में, बल्कि उद्योगों में भी बहुत काम आती है। मांग बनी रहने की उम्मीद थी।
फिर अचानक यह तूफ़ान क्यों आया?
मेरी समझ से, यह गिरावट सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई कारणों से आई है।
- Global Factors की चोट: विदेशी बाजारों में भी एक हलचल है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत ने डॉलर को मजबूत किया है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो प्रायः सोना-चाँदी की कीमतों पर दबाव पड़ता है। यह एक तरह का global trend है जिसका असर हमारे यहाँ भी पड़ा।
- बजट की चिंता: यह सबसे बड़ा कारण लग रहा है। सरकार का नया बजट आने वाला है। बाजार में अफवाहें तैर रही हैं कि इस बार चाँदी पर आयात शुल्क बढ़ सकता है, या फिर कर (tax) में कोई बदलाव हो सकता है। बड़े व्यापारी और निवेशक इन अटकलबाजियों से घबरा गए। उन्हें डर है कि कल अगर कोई नया नियम आया, तो उनका पैसा फंस जाएगा। इस डर के कारण उन्होंने बड़ी मात्रा में चाँदी बेचनी शुरू कर दी। जब बिकवाली बढ़ी, तो कीमत गिरी।
- तकनीकी नुकसान (Technical Breakdown): शेयर बाजार की भाषा में, चाँदी की कीमत एक ‘महत्वपूर्ण स्तर’ (critical level) से नीचे आ गई। जैसे ही यह टूटा, बाजार में और दहशत फैल गई। कम्प्यूटर से चलने वाले कारोबार (algorithmic trading) ने भी इस गिरावट को हवा दी।
- नकदी की कमी: बजट से पहले बड़े निवेशक अपने निवेश को नकद (cash) में बदलना पसंद करते हैं। यह एक आम बात है। चाँदी जैसी परिसंपत्ति को बेचकर वे अपने पास पैसा जमा कर लेते हैं। इस सामूहिक बिकवाली ने आग में घी का काम किया।
अब आगे क्या? मेरी personal feeling क्या है?
इस समय बाजार का मिजाज डरावना है। जो लोग शॉर्ट-टर्म के लिए चाँदी में पैसा लगाए थे, उनके लिए तो यह समय बहुत मुश्किल भरा है। मेरा दिल उनके लिए दुखी है।
लेकिन, अगर आप लंबे समय के निवेशक हैं, तो यह नज़रिया अलग हो सकता है। इतिहास गवाह है कि चाँदी ऐसे झटकों के बाद फिर से उठ खड़ी होती है। 37% गिरावट मौका भी दिखाती है। पर यह मौका बिना सोचे-समझे कूद पड़ने का नहीं है।
कुछ सावधानियां और सुझाव:
- घबराएं नहीं: भावनाओं में बहकर कोई जल्दबाजी न करें।
- छोटे-छोटे कदम उठाएं (SIP style): अगर खरीदने का मन है, तो एक साथ पूरा पैसा न लगाएं। हर महीने थोड़ा-थोड़ा खरीदने की रणनीति बना सकते हैं।
- सोच-समझकर खरीदें: केवल इसलिए न खरीदें कि भाव सस्ता है। अपनी वित्तीय स्थिति और लक्ष्य को ध्यान में रखें।
- विशेषज्ञ की राय लें: बड़ा निवेश करने से पहले किसी वित्तीय सलाहकार से जरूर बात कर लें।
अंत में, मेरी बात…
बाजार का यह उतार-चढ़ाव तो चलता रहता है। आज गिरावट है, तो कल तेजी भी आएगी। यह समय घबराने का नहीं, बल्कि समझदारी से सीखने का है। बजट के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। तब तक धैर्य रखें, समाचार देखते रहें और अपने दिल व दिमाग को शांत रखें।
क्या आप भी चाँदी की इस गिरावट से प्रभावित हैं? आपकी feeling क्या है? नीचे कमेंट में अपना विचार जरूर साझा करें। चलो, इस मुश्किल घड़ी में एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हैं।














